(N/A) लुईस सहसंयोजक बंध सिद्धांत,सहसंयोजक बंध के निर्माण को समझने के लिए उपयोगी होने के बावजूद,इसकी कई सीमाएं हैं:
$1$. यह अणुओं के आकार और ज्यामिति की व्याख्या नहीं करता है।
$2$. यह विषम संख्या में इलेक्ट्रॉनों वाले अणुओं (जैसे $NO$,$NO_2$) की स्थिरता को समझाने में विफल रहता है।
$3$. यह उन अणुओं की स्थिरता को नहीं समझा सकता है जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अधूरा (जैसे $BeCl_2$,$BF_3$) या विस्तारित (जैसे $PF_5$,$SF_6$) होता है।
$4$. यह अणु की ऊर्जा या विभिन्न संरचनाओं की सापेक्ष स्थिरता के बारे में कोई जानकारी प्रदान नहीं करता है।
$5$. यह अणुओं के चुंबकीय गुणों,जैसे $O_2$ की अनुचुंबकीय प्रकृति को स्पष्ट नहीं करता है।